साधक साधना में उपयोग की सामग्री (नैवेद्य, भोग) तथा अपना भोजन स्वयं तैयार करें। वज्र पानी पिबेच्चांगे डाकिनी डापिनी रक्षोव सर्वांगे। ब्रह्मचर्य व्रत का पूर्ण रूप से पालन करें। शत्रु निवारण: शत्रुओं से बचाव और उनकी गलत नीयत को समाप्त करने में शाबर मंत्र प्रभावी होते हैं। श्रीं ह्रीं श्रीं https://elliotcfgdb.designertoblog.com/70668989/uchcharan-flexible-secrets